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अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी चुनाव: अस्पताल, पारदर्शिता और विकास के वादों के साथ चुनावी मुकाबला हुआ तेज

अशोक विहार स्थित अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के चुनाव में विकास, अस्पताल निर्माण और संस्था की पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं। चुनावी सभा में वक्ताओं ने अधूरे अस्पताल निर्माण, कैंपिंग व्यवस्था की बहाली और संस्था के विकास का वादा करते हुए सभी 9 उम्मीदवारों को पूर्ण बहुमत से जिताने की अपील की।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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25 जुलाई 2026 · 10:26 am2.9 हज़ार व्यूज़
अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी चुनाव: अस्पताल, पारदर्शिता और विकास के वादों के साथ चुनावी मुकाबला हुआ तेज
अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी चुनाव: अस्पताल, पारदर्शिता और विकास के वादों के साथ चुनावी मुकाबला हुआ तेज

नई दिल्ली। अशोक विहार की अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के चुनाव को लेकर माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। चुनावी सभा में वक्ताओं ने इसे केवल पदों की लड़ाई नहीं, बल्कि समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य के विकास का चुनाव बताया। सभा के दौरान मतदाताओं से विकास और पारदर्शिता के मुद्दों पर मतदान करने की अपील की गई।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि अंततः सत्य और न्याय की जीत होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज इस बार भी विकास और समाजहित को प्राथमिकता देते हुए सही निर्णय लेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन और समर्थन उनकी पूरी टीम के साथ है।

सभा में सबसे अधिक चर्चा अस्पताल निर्माण परियोजना को लेकर हुई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में अस्पताल निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका और आज भी परियोजना लगभग उसी स्थिति में है, जैसी पहले थी। उन्होंने इसे समाज के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि क्षेत्र को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त अस्पताल की लंबे समय से आवश्यकता है।

चुनावी मंच से दावा किया गया कि यदि उनकी टीम को पूर्ण बहुमत मिलता है तो अस्पताल निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। वक्ताओं के अनुसार समाज के वरिष्ठ सदस्यों और सहयोगियों के माध्यम से लगभग ₹10 करोड़ की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अस्पताल का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा किया जा सके।

सभा में संस्था की कैंपिंग व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कार्यकाल में संस्था की पारंपरिक व्यवस्था कमजोर हुई और निर्णय लेने की प्रक्रिया सीमित हो गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी टीम के सत्ता में आने पर कैंपिंग व्यवस्था को फिर से लागू किया जाएगा तथा संस्था का संचालन पारदर्शी और सामूहिक भागीदारी के आधार पर किया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि संस्था किसी एक व्यक्ति या समूह की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। इसलिए सभी महत्वपूर्ण निर्णय समाज के हित और सामूहिक सहमति से लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि स्कूल, धर्मशाला, अस्पताल सहित संस्था की अन्य परियोजनाओं को नई गति दी जाएगी और अधूरे विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

सभा के दौरान समाज के वरिष्ठजनों के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से संस्था को नई दिशा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। वक्ताओं ने दावा किया कि उनकी टीम समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अपने संबोधन के अंत में मतदाताओं से सभी 9 उम्मीदवारों को पूर्ण बहुमत से विजयी बनाने की अपील की गई। वक्ताओं का कहना था कि स्पष्ट जनादेश मिलने पर निर्णय लेने में आसानी होगी और विकास परियोजनाओं को बिना किसी बाधा के समय पर पूरा किया जा सकेगा।

नोट: इस समाचार में शामिल आरोप, दावे और चुनावी वादे संबंधित वक्ताओं एवं उम्मीदवारों के बयान पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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