दिल्ली में आकार ले रहा है ऐतिहासिक 'अग्रोहा भवन', वैश्य समाज के लिए बनेगा नया गौरव स्तम्भ
-महाराजा अग्रसेन जी के 'एक रुपया-एक ईंट' के सिद्धांत पर बिछ रही भव्य अग्रोहा भवन की नींव -5वें धाम के 'दूतावास' के रूप में दिखेगा भव्य भवन, 2-स्तरीय बेसमेंट पार्किंग और आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

- राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के हृदय स्थल पर एक ऐसी ऐतिहासिक और भव्य इमारत आकार ले रही है, जो न केवल दिल्ली बल्कि देश और विदेश में बसे पूरे अग्रवाल-वैश्य समाज के लिए एक नया गौरव स्तंभ बनने जा रही है। दिल्ली अग्रोहा विकास ट्रस्ट द्वारा निर्मित किए जा रहे भव्य 'अग्रोहा भवन' (महाराजा अग्रसेन भवन) को लेकर समाज में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।
हाल ही में अशोक विहार में ट्रस्ट की वार्षिक आम सभा (AGM) का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें इस महत्वाकांक्षी परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन और समाज को एकजुट करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले पारित किए गए। महाराजा अग्रसेन के 'एक रुपया और एक ईंट' सिद्धांत से मिली प्रेरणा :- महाराजा अग्रसेन जी के कालजयी और ऐतिहासिक सिद्धांत 'एक रुपया और एक ईंट' को आधार बनाकर दिल्ली अग्रोहा विकास ट्रस्ट समाज की भावी पीढ़ियों के लिए एक अद्वितीय सांस्कृतिक व सामाजिक धरोहर तैयार कर रहा है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि इस भव्य भवन के निर्माण हेतु भारत सरकार द्वारा भूमि आवंटित कर दी गई है। भूमि आवंटन की सूचना के बाद से ही पूरे अग्रवाल समुदाय में खुशी की लहर है।

अशोक विहार में आयोजित AGM में ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बी.पी. गर्ग, महामंत्री डॉ. जयकिशन गर्ग, कोषाध्यक्ष श्री के.सी. गुप्ता सहित समाज के कई शीर्ष पदाधिकारी और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बी.पी. गर्ग ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए चेयरमैन नंदकिशोर अग्रवाल के विजनरी संकल्प को समाज के सामने रखा।
समाज को एकजुट करने और 'अग्रसेन अखाड़ा' की स्थापना का संकल्प :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े वरिष्ठ समाजसेवी, सफल उद्योगपति और दिल्ली अग्रोहा विकास ट्रस्ट के चेयरमैन श्री नंदकिशोर अग्रवाल लगातार सनातन परंपरा और महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांतों को पुनर्जीवित करने में जुटे हुए हैं।
अग्रवाल समाज को संगठित और सशक्त करने के ध्येय से हाल ही में देश की अखाड़ा परंपरा के तहत 'महाराजा अग्रसेन अखाड़े' की स्थापना भी की गई है। नंदकिशोर अग्रवाल का मानना है कि दिल्ली में बन रहा यह भव्य 'अग्रसेन भवन' सनातन धर्म और समाज सेवा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभा में अग्रोहा भवन निर्माण की प्रगति की रूपरेखा प्रस्तुत की और संपूर्ण समाज से इस महायज्ञ में समर्पित भाव से सहभागिता करने का आह्वान किया।
पारदर्शी संचालन हेतु 'भवन निर्माण समिति' का गठन और बाय-लॉज़ मंजूर :- वार्षिक आम सभा (AGM) के दौरान भवन के निर्माण कार्य को सुचारू, पारदर्शी और गति देने के लिए एक विशेष 'भवन निर्माण समिति' का गठन किया गया, जिसकी कमान श्री जी.डी. गोयल और श्री नीरज जैन को सौंपी गई है।
इसके साथ ही, प्रसिद्ध legal expert एडवोकेट अश्विनी गुप्ता द्वारा संस्था के पारदर्शी बाय-लॉज़ प्रस्तुत किए गए। तत्पश्चात कोषाध्यक्ष श्री के.सी. गुप्ता द्वारा पिछले वर्ष का वित्तीय ब्योरा व बैलेंस शीट रखी गई, जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया और ऑडिटर की नियुक्ति पर मोहर लगाई गई।
अग्रोहा धाम के '5वें धाम का दूतावास' होगा यह भवन: जानें क्या होंगी खासियतें? दिल्ली में बन रहा यह अग्रोहा भवन समाज के लिए "एक स्थान, एक सुविधा, एक पहचान और एक अनमोल धरोहर" के रूप में कार्य करेगा। इसे अग्रोहा धाम के 'पांचवें धाम के दूतावास' के रूप में परिकल्पित किया गया है।
यह भव्य भवन सभी आधुनिक व अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें:
2-स्तरीय बेसमेंट पार्किंग: वाहनों के सुगम ठहराव के लिए दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग।

ऑडिटोरियम व कांफ्रेंस हॉल: बड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक आयोजनों के लिए स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ऑडिटोरियम।
लाइब्रेरी व संग्रहालय: समाज की भावी पीढ़ी को इतिहास और महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांतों से जोड़ने हेतु आधुनिक लाइब्रेरी व संग्रहालय।
आध्यात्मिक मंदिर: समाज बंधुओं की आस्था का केंद्र बिंदु।
पारिवारिक व सांस्कृतिक हॉल: वैवाहिक एवं मांगलिक कार्यक्रमों के लिए विशाल परिसर।
अग्रोहा भवन की इन्हीं खूबियों और दूरदर्शी सोच को देखते हुए समाज के बड़े-बड़े भामाशाह और दानवीर इस अभियान से जुड़ने के लिए स्वतः ही आगे आ रहे हैं। महाराजा अग्रसेन जी का 'एक रुपया और एक ईंट' का संदेश आज भी वैश्य समाज के उत्थान की सबसे बड़ी शक्ति साबित हो रहा है।
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