सामग्री पर जाएँ
ताज़ा
दिल्ली बीजेपी में ये हो क्या रहा है? पार्षदों की पिटाई से लेकर दलित मंडल अध्यक्ष को बंधक बनाने तक, अंदरूनी कलह ने खोली 'संस्कारी' पार्टी के दावों की पोलशालीमार बाग के सिंगलपुर गांव में सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण, सीएम रेखा गुप्ता ने किया उद्घाटनदिल्ली की सीमाओं पर बैरियर-मुक्त टोल प्रणाली में देरी, सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंकादिल्ली को कूड़े से आज़ादी अभियान: मेयर ने उत्तर-पश्चिम ज़ोन के वार्ड 51 और 53 का किया निरीक्षणसाउथ दिल्ली के आया नगर में दिन दहाड़े जिम ट्रेनर की हत्या!दिल्ली ट्रैफिक एडवाइजरी: मदनपुर खादर हाईवे बंद, सफर से पहले जान लें पूरी जानकारी
ताज़ा खबरराजनीति

दिल्ली बीजेपी में ये हो क्या रहा है? पार्षदों की पिटाई से लेकर दलित मंडल अध्यक्ष को बंधक बनाने तक, अंदरूनी कलह ने खोली 'संस्कारी' पार्टी के दावों की पोल

-मुंडका से वज़ीरपुर तक: मारपीट और दलित उत्पीड़न के मामलों से सहमी पार्टी -सांसदों की शह और बेबस नेतृत्व: क्या कागजी बनकर रह गई है अनुशासन समिति?

Rajender Swami
Rajender SwamiDelhi Darpan
शेयर
15 सितंबर 2026 · 9:26 am101 व्यूज़नई दिल्ली
दिल्ली बीजेपी में ये हो क्या रहा है? पार्षदों की पिटाई से लेकर दलित मंडल अध्यक्ष को बंधक बनाने तक, अंदरूनी कलह ने खोली 'संस्कारी' पार्टी के दावों की पोल
दिल्ली बीजेपी में ये हो क्या रहा है? पार्षदों की पिटाई से लेकर दलित मंडल अध्यक्ष को बंधक बनाने तक, अंदरूनी कलह ने खोली 'संस्कारी' पार्टी के दावों की पोल

-राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो

दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर लगता है सब कुछ रसातल में जाता दिख रहा है। दिल्ली में पार्टी के भीतर मची आपसी खींचतान ,अब वैचारिक मतभेदों से आगे निकलकर सीधे मारपीट, थप्पड़कांड और दलित उत्पीड़न तक पहुंच चुकी है। आलम यह है कि कहीं विधायक पार्षदों को पीट रहे हैं, तो कहीं मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के साथ खूनखराबे जैसी नौबत आ रही है। अनुशासन और संस्कारों का ढिंढोरा पीटने वाली देश की इस सबसे बड़ी पार्टी में आखिरकार यह चल क्या रहा है ? यह सवाल आज दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुंडका से वज़ीरपुर तक: मारपीट और दलित उत्पीड़न के मामलों से सहमी पार्टी : अभी वज़ीरपुर की बीजेपी विधायक पूनम भारद्वाज और अशोक विहार की निगम पार्षद वीना असीजा के बीच हुए उस हाई-प्रोफाइल 'थप्पड़कांड' की गूंज ठंडी भी नहीं हुई थी, जिसमें खुद सांसद प्रवीण खंडेलवाल की मौजूदगी में सरेआम मारपीट और गालियों का खेल हुआ था, कि अब मुंडका से बीजेपी विधायक गजेंद्र दराल का एक और काला कारनामा सामने आ गया है।

मुंडका विधायक गजेंद्र दराल और वार्ड-32 के मंडल अध्यक्ष सुशील कुमार के बीच मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि विधायक ने अपने ही दल के एक दलित मंडल अध्यक्ष सुशील कुमार को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, जिससे उनके पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान उभर आए हैं। पीड़ित ने कंझावला थाने में शिकायत दी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज तक नहीं की।

इस गंभीर मामले पर राजनीति गर्माने के बाद अब 'आम आदमी पार्टी' (AAP) भी मैदान में कूद पड़ी है। 'आप' नेता कुलदीप कुमार पीड़ित सुशील कुमार को साथ लेकर डीसीपी ऑफिस पहुंचे और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर विधायक की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। 'आप' ने इसे सिर्फ आपसी कलह नहीं बल्कि एक दलित युवक को कई घंटों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का घिनौना मामला करार दिया है, जिससे दलित समाज में भारी गुस्सा है।

mp nw and chandani showk
mp nw and chandani showkdelhi darpan

मामले के तूल पकड़ने पर दिल्ली बीजेपी के प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल ने मुंडका विधायक और मंडल अध्यक्ष दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 16 सितंबर तक अनुशासन समिति के समक्ष स्पष्टीकरण देने को कहा है। लेकिन पार्टी के भीतर ही इसे महज एक लीपापोती और खानापूर्ति माना जा रहा है। वज़ीरपुर वाले 'थप्पड़कांड' में भी अनुशासन समिति ने जांच रिपोर्ट में विधायक परिवार को दोषी माना था, लेकिन अंत में दोनों पक्षों को हल्की-फुल्की चेतावनी देकर मामले को दबा दिया गया।

सांसदों की शह और बेबस नेतृत्व: क्या कागजी बनकर रह गई है अनुशासन समिति ? जानकारों का कहना है कि मुंडका के मामले में भी ऐसा ही हस्र होने वाला है, क्योंकि इन बागी और मनमाने नेताओं के सिर पर पार्टी के बड़े सांसदों—योगेंद्र चंदोलिया और प्रवीण खंडेलवाल—का हाथ है। चर्चा तो यहाँ तक है कि चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल का वज़ीरपुर क्षेत्र में इतना दखल है कि लोग यह चुटकी लेते हैं कि वे चांदनी चौक के सांसद हैं या वज़ीरपुर के! वहीं मुंडका में भी सांसद योगेंद्र चंदोलिया और विधायक गजेंद्र दराल की जुगलबंदी के आगे स्थानीय संगठन पूरी तरह पस्त है।

मुंडका या वज़ीरपुर तो महज बानगी भर हैं, दिल्ली बीजेपी के लगभग हर दूसरे कोने में यही हाल है : -

शकूरपुर विधानसभा: विधायक करनैल सिंह और निगम पार्षद विनीत वोहरा के बीच आपसी कलह और गाली-गलौज के बाद पार्षदों ने विधायक का खुला बहिष्कार कर रखा है।

aam leader kuldeep with sushil kumar mundka
aam leader kuldeep with sushil kumar mundkadelhi darpan

मॉडल टाउन: विधायक अशोक गोयल देवराह और वहां के निगम पार्षदों के बीच छिड़ी शीतयुद्ध किसी से छिपी नहीं है।

आगामी एक साल बाद होने वाले नगर निगम (MCD) चुनावों को लेकर बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व अंदर ही अंदर थर-थर कांप रहा है। पार्टी आलाकमान लगातार बैठकें कर डैमेज कंट्रोल की कोशिश में है, ताकि इन झगड़ों का असर चुनावों पर न पड़े। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बीजेपी की ऐसी कौन सी मजबूरी है कि गंभीर आपराधिक आरोपों और अनुशासनहीनता के बावजूद वह इन रसूखदार विधायकों पर शिकंजा कसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही? क्या पार्टी की अनुशासन समिति सिर्फ कागजी शेरों को डराने के लिए है? जनता और पार्टी कार्यकर्ता अब इसका जवाब मांग रहे हैं।

MLa Poonam Bhardwaj Vs veena asija
MLa Poonam Bhardwaj Vs veena asijadelhi darpan
इनसे संबंधितदिल्ली बीजेपीगुटबाजीविधायक पार्षद विवादगजेंद्र दरालसुशील कुमारपूनम भारद्वाजवीना असीजाप्रवीण खंडेलवालयोगेंद्र चंदोलियादिल्ली राजनीतिDelhi BJPFactionalismMLA Councilor DisputeGajendra DaralSushil KumarPoonam BhardwajVeena AsijaPraveen KhandelwalYogendra ChandoliaDelhi Politics
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

दीपचंद बंधु अस्पताल एक्सपोज़्ड: डॉक्टर एसी रूम में मस्त, अप्रशिक्षित NO के भरोसे चल रहा अस्पताल; टाइट प्लास्टर ने सड़ाया ड्राइवर का पैर!3.7 हज़ार

दीपचंद बंधु अस्पताल एक्सपोज़्ड : डॉक्टर एसी रूम में मस्त, अप्रशिक्षित NO के भरोसे चल रहा अस्पताल, टाइट प्लास्टर ने सड़ाया ड्राइवर का पैर!

-'पैर काटना पड़ेगा...' सरकारी अस्पताल की लापरवाही से तबाही की कगार पर गरीब ड्राइवर फरहान की जिंदगी -LG से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक शिकायत, पर नहीं जागी दिल्ली की व्यवस्था! दीपचंद बंधु अस्पताल की पोल खोल रिपोर्ट

सोनीपत में कांग्रेस ने किया संगठन का विस्तार, शहरी ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद 15 दिन में बनेगी कार्यकारिणी858

सोनीपत में कांग्रेस ने किया संगठन का विस्तार, शहरी ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद 15 दिन में बनेगी कार्यकारिणी

सोनीपत में कांग्रेस ने एमसी-1 और एमसी-2 के लिए ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा करते हुए अगले 15 दिनों में कार्यकारिणी गठित करने का निर्देश दिया है।