'चलो संसद' मार्च के दौरान बवाल, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। झड़प में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए। बाद में CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के बावजूद हजारों समर्थक जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
यह प्रदर्शन मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान जब कुछ लोग बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने लगे, तब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए। सूत्रों के अनुसार, करीब 50 पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं।
घटनाक्रम के बीच CJP के दो प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया था। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तृत चर्चा हुई और शाम करीब 4 बजे उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा गया। सरकार ने ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
उधर, संसद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
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टिप्पणियाँ
4क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।
संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।
इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।