युवा शक्ति बदल रही भारत की तस्वीर,मैसूर में पीएम मोदी का बड़ा बयान
देश के युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्टार्टअप, डिजिटल इकोनॉमी और मैन्युफैक्चरिंग में भारत की सफलता का श्रेय युवा शक्ति को जाता है।

दिल्ली दर्पण ब्यूरो रिपोर्ट :
नई दिल्ली/मैसूर: कर्नाटक के मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने साफ कहा कि आज भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति, डिजिटल क्रांति और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सफलता के पीछे असली सबसे बड़ी ताकत देश के युवा हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव माना था। आज का भारत उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए युवाओं की क्षमता के बल पर दुनिया में नई पहचान बना रहा है।
'युवाओं की ताकत की वजह बदल रहा है भारत' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और यह बदलाव युवाओं की प्रतिभा का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसका सबसे बड़ा कारण देश की युवा शक्ति है।
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जबकि मोबाइल फोन निर्माण के क्षेत्र में देश दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत में विकसित डिजिटल समाधान अब दुनिया के कई देशों के लिए प्रेरणा भी बन रहे हैं।
स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद चाहते थे कि भारत का हर युवा शिक्षित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित बने। उन्होंने याद दिलाया कि जब स्वामी विवेकानंद ने युवाओं की शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की बात कही थी, तब भारत का युवा भी गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था।
उन्होंने कहा लेर्किन उस दौर का भारत और आज का भारत अब पूरी तरह बदल चुका है। जो युवा कभी गुलामी की जंजीरों में बंधा था, वही आज वैश्विक विकास की गति तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
'महान व्यक्तित्व तपस्या से बनते हैं' अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के जीवन संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अचानक महान नहीं बनता, बल्कि निरंतर तप, त्याग और संघर्ष से विभूति बनता है।
पीएम मोदी ने कहा कि करीब 130 वर्ष पहले स्वामी विवेकानंद एक युवा संन्यासी के रूप में मैसूर आए थे। उस समय उनकी प्रसिद्धि भले ही सीमित थी, लेकिन उनके विचार बेहद ऊंचे थे। मैसूर के तत्कालीन महाराजा सहित कई लोगों ने उनके व्यक्तित्व और विचारों को पहचाना और उनका समर्थन किया।
रामकृष्ण आश्रम की सेवाओं की सराहना प्रधानमंत्री ने श्री रामकृष्ण आश्रम द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किए गए सेवा कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि विवेक स्मारक आने वाले समय में साधकों, युवाओं और श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
आंध्र प्रदेश में भी दी विकास परियोजनाओं की सौगात मैसूर कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास को गति देने पर जोर दिया।दिल्ली दर्पण
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