सामग्री पर जाएँ
ताज़ा खबर
चक्रवात तेज़ होने से ओडिशा तट पर रेड अलर्टदिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह पकड़ा, 2,300 लोगों से ₹41 करोड़ की ठगीकैबिनेट ने गुजरात में ₹76,000 करोड़ की चिप फैब को मंज़ूरी दीसेना के लिए राशन आपूर्ति प्रणाली मजबूत करने को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सैन्य अधिकारियों के साथ की बैठकभारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली कूच: 21 जुलाई को किसान घाट पर महापंचायतनोएडा और गाजियाबाद में उमस बनी बिजली कटौती का कारण, कई इलाकों में घंटों छाया रहा अंधेराIPS अनुराग कुमार बने दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, सतीश गोलचा की जगह संभालेंगे कमानअग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी चुनाव : "5 साल से एक ही व्यक्ति का कब्ज़ा क्यों ?" – दिग्गज नंद किशोर अग्रवाल का अनिल गुप्ता पर बड़ा हमला, बदलाव की मांग तेजपानीपत के नौल्था में मिट्टी के ओवरब्रिज का विरोध तेज, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

AIIMS ने 4 महीने के शिशु की दुर्लभ फेफड़े की सर्जरी कर रचा नया इतिहास

दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों ने जन्मजात फेफड़ों की गंभीर बीमारी से पीड़ित 4 महीने के शिशु की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। ऑपरेशन के दो दिन बाद ही बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज से संक्रमण और कैंसर जैसी गंभीर आशंकाओं को टाला जा सका।

Kabir Singh
Kabir Singhस्तंभकार
शेयर
20 जुलाई 2026 · 9:57 am158 व्यूज़
AIIMS ने 4 महीने के शिशु की दुर्लभ फेफड़े की सर्जरी कर रचा नया इतिहास
AIIMS ने 4 महीने के शिशु की दुर्लभ फेफड़े की सर्जरी कर रचा नया इतिहास

नई दिल्ली: दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए केवल चार महीने के एक शिशु की दुर्लभ और बेहद जटिल फेफड़े की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है। जन्म से ही बच्चे के दोनों फेफड़ों में सिस्ट (गांठ जैसी संरचनाएं) मौजूद थीं, जिससे उसकी जान को गंभीर खतरा था।

AIIMS के बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग की टीम ने अत्यंत सावधानी और आधुनिक तकनीकों की मदद से बच्चे के प्रभावित फेफड़े का सफल ऑपरेशन किया। सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति तेजी से बेहतर हुई और महज दो दिन के भीतर उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। दूसरे फेफड़े का उपचार डॉक्टर बाद के चरण में करेंगे।

बच्चे की मां ने AIIMS की मेडिकल टीम का आभार जताते हुए कहा कि उनके बेटे को उत्कृष्ट इलाज मिला और डॉक्टरों ने पूरी लगन से उसकी जान बचाई।

बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर विशेश जैन ने बताया कि यदि इस बीमारी का समय पर इलाज नहीं किया जाता, तो संक्रमण बढ़कर कैंसर जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकता था। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र के बच्चे के दोनों फेफड़ों में मौजूद विकृति का ऑपरेशन करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। सर्जरी के दौरान प्रभावित हिस्से को हटाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती रही।

AIIMS के अनुसार, इस आयु के बच्चे पर इस प्रकार की जटिल फेफड़े की सर्जरी संस्थान में पहली बार की गई है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा अब स्वस्थ है और उसकी रिकवरी संतोषजनक रही है।

शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

2

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज