Delhi Crime : केशवपुरम | बीड़ी जलने के लिए माचिस नहीं दी तो कर दी चाकू से गोदकर ह्त्या
-पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पकड़े गए आरोपी, मुख्य हथियार बरामद - कहां जा रही है राजधानी की युवा पीढ़ी?

-राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो
दिल्ली। माचिस नहीं दी तो कर दी चाकुओं से गोदकर हत्या... देश की राजधानी दिल्ली में अब इंसानियत इतनी मर चुकी है कि छोटी-छोटी और बेहद मामूली बातों पर भी लोगों की जानें ली जा रही हैं। ताजा मामला उत्तर-पश्चिम जिले के केशव पुरम थाना क्षेत्र का है, जहां सिर्फ एक माचिस की तीली मांगने पर और उसे देने से इनकार करने पर बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने बेरहमी से चाकुओं से गोदकर एक युवक की हत्या कर दी, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचा दिया। यह घटना झकझोर कर रख देने वाली है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि आज के दौर में युवाओं के भीतर सहनशीलता का स्तर कितना गिर चुका है। मामूली सी बात पर चाकू निकाल लेना और ताबड़तोड़ वार कर देना इस बात का प्रमाण है कि समाज में कानून का डर और आपसी संयम लगातार खत्म होता जा रहा है।
माचिस देने से इनकार करने पर खूनी संघर्ष: चाकुओं से गोदकर ले ली जान : थाना केशव पुरम इलाके में डीएसआईआईडीसी (DSIIDC) वाइन शॉप के सामने फुटपाथ पर यह खौफनाक वारदात हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सिगरेट पीने के लिए पीड़ितों से माचिस की मांग की थी। जब पीड़ितों ने माचिस देने से इनकार कर दिया, तो यह छोटी सी बात दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और विवाद में बदल गई। गुस्साए आरोपियों ने आव देखा न ताव, और फौरन हिंसक हो उठे।
मुख्य आरोपी नरेश बहादुर उर्फ नेपाली ने बेरहमी से चाकू निकालकर मृतक भवानी (30) और घायल आशा राम (32) पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे पूरा इलाका दहल गया। इस अंधाधुंध हमले में भवानी की बाएं पीठ पर गहरा घाव लगने से मौत हो गई, जबकि आशा राम जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में संघर्ष कर रहे हैं। उनके साथियों (तरुण और एक सीसीएल) ने भी पीड़ितों के साथ जमकर मारपीट की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पकड़े गए आरोपी, मुख्य हथियार बरामद : घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाई। एसीपी अशोक विहार श्री आकाश रावत के समग्र पर्यवेक्षण, एसएचओ केशव पुरम राजीव मलिक के निकट और एटीओ यूनुस जावेद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी और जमीनी सूचना तंत्र का इस्तेमाल करते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी को कुछ ही समय में सुलझा लिया।
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल दो मुख्य आरोपियों और एक बाल अपचारी (CCL) को दबोच लिया है :
नरेश बहादुर उर्फ नेपाली (19 वर्ष, निवासी- वजीरपुर, दिल्ली): इसी मुख्य आरोपी ने पीड़ितों पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए थे। इसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल खून से सना चाकू बरामद कर लिया है।
तरुण (19 वर्ष, निवासी- वजीरपुर, दिल्ली): इसने घटना के दौरान पीड़ितों के साथ मारपीट की थी।
एक सीसीएल (विधि संघर्षरत बालक): इसे भी पुलिस ने पकड़ लिया है, जिसने हमले में अन्य आरोपियों का साथ दिया था।
थाना केशव पुरम में आईपीसी/बीएनएस की धारा 103(1) और 109(1) के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बड़ा सवाल: कहां जा रही है राजधानी की युवा पीढ़ी? राजधानी में इस तरह की घटनाएं यह सवाल खड़े करती हैं कि आखिर मामूली तकरार पर जानलेवा हमला करने की यह प्रवृत्ति कहां से आ रही है? जरा सी असहमति या मनाही पर चाकुओं से गोदकर जान ले लेना यह दिखाता है कि युवाओं में गुस्से पर नियंत्रण बिल्कुल नहीं बचा है। यदि समाज में इस प्रकार की मानसिकता पर लगाम नहीं लगाई गई, तो छोटी-छोटी बातें ऐसे ही खूनी संघर्षों में बदलती रहेंगी।

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