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मुजफ्फरनगर हादसा: पांच मौतों के बाद हबीबपुर गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, जर्जर मकानों के सर्वे का दिया सुझाव

मुजफ्फरनगर के हबीबपुर गांव में बारिश के दौरान कच्चे मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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20 जुलाई 2026 · 4:44 am2.8 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 4:48 am
मुजफ्फरनगर हादसा: पांच मौतों के बाद हबीबपुर गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, जर्जर मकानों के सर्वे का दिया सुझाव
मुजफ्फरनगर हादसा: पांच मौतों के बाद हबीबपुर गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, जर्जर मकानों के सर्वे का दिया सुझाव

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के फुगाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हबीबपुर गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां बारिश के दौरान एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में चार मासूम बच्चे और उनके पिता शामिल हैं, जिससे पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

इस हृदयविदारक घटना के बाद सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का गांव में तांता लगा रहा। इसी सिलसिले में दोपहर करीब 12 बजे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार हबीबपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।

कैबिनेट मंत्री के साथ इस दौरे पर कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें बुढ़ाना क्षेत्र के विधायक राजपाल बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह और समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रमोद त्यागी सहित कई गणमान्य लोग शामिल थे। इन सभी नेताओं ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

गांव में पहुंचने के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने स्थानीय परिजनों और प्रशासनिक अधिकारियों से हादसे के संबंध में पूरी जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से अब तक किए गए राहत एवं सहायता कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की।

मीडिया से बातचीत के दौरान कैबिनेट मंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस हादसे को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से विस्तार से बातचीत की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों के तहत सरकार की ओर से जो भी आर्थिक सहायता संभव होगी, वह पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कैबिनेट मंत्री ने जिला प्रशासन को एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे मुजफ्फरनगर जनपद में मौजूद सभी जर्जर और कच्चे मकानों का एक व्यापक सर्वे कराया जाए। उनका मानना था कि यदि जोखिम वाले मकानों की पहले ही पहचान कर ली जाए, तो भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोककर लोगों की जान बचाई जा सकती है।

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