जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के चलते रेलवे का कड़ा फैसला, नई दिल्ली और निजामुद्दीन से 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द
मध्य दिल्ली में संभावित जाम के मद्देनजर रेलवे ने 75 मेल-एक्सप्रेस और 179 लोकल ट्रेनों का परिचालन निरस्त किया।

मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन और इसके चलते यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से संचालित होने वाली 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा 179 लोकल ट्रेनें भी निरस्त की गई हैं, जिससे रद्द की गई कुल गाड़ियों की संख्या 254 हो गई है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, तय समय में दोनों स्टेशनों पर पहुंचने वाली कुल 165 ट्रेनों में से 35 ट्रेनों को सड़क यातायात में संभावित गंभीर बाधा को देखते हुए निरस्त किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाली गाड़ियों के रद्द होने की वजह से उनकी रैक से चलने वाली 35 प्रस्थान करने वाली ट्रेनों को भी निरस्त करना पड़ा। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों प्रमुख स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए खुले रहेंगे।
रद्द की गई सेवाओं में उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय राजधानी आने वाली कई प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं, जिनमें कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी, लखनऊ-नई दिल्ली तेजस एक्सप्रेस, लखनऊ मेल और प्रयागराज एक्सप्रेस प्रमुख हैं। इसके साथ ही उत्तर मध्य रेलवे ने अलीगढ़, खुर्जा, टूंडला और गाजियाबाद से दिल्ली को जोड़ने वाली मेमू और ईएमयू उपनगरीय सेवाओं को भी बंद कर दिया है। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक समर्थ गुप्ता ने बताया कि रद्द की गई ट्रेनों के यात्रियों को पूरा किराया वापस किया जाएगा।
रेलवे के इस अचानक लिए गए फैसले पर कर्मचारी संगठनों और यात्री कल्याण समितियों ने सवाल उठाए हैं। ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि लोग चिकित्सा आपातकाल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए यात्रा करते हैं, ऐसे में यह मान लेना गलत है कि हर यात्री प्रदर्शन में भाग लेने ही आ रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने के बजाय मध्य दिल्ली से बाहर के अन्य स्टेशनों पर समाप्त करने का बेहतर प्रबंध किया जा सकता था।
भारतीय यात्री केंद्र के प्रमुख बसंत कुमार शुक्ला ने कहा कि त्योहारी सीजन की शुरुआत में ट्रेनों को अचानक रद्द करने से उन यात्रियों को गंभीर असुविधा होगी जिन्होंने दो महीने पहले टिकट आरक्षित कराए थे। वहीं, कोयंबटूर जिला रेलवे यात्री कल्याण संघ के अध्यक्ष एम जमील अहमद ने कहा कि लंबी दूरी की गाड़ियों के निरस्त होने से आम यात्रियों की आगामी योजनाएं और परीक्षाएं प्रभावित होंगी, जिसका असर अगले कुछ दिनों तक स्टेशनों पर भीड़ के रूप में दिखाई देगा।
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