दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव : अशोक विहार के सत्यवती कॉलेज के बाहर खूनी संघर्ष, वजीरपुर गांव बना अखाड़ा ; दो कारें क्षतिग्रस्त
-वजीरपुर गांव के पास दो गुटों में खूनी झड़प -कुछ दिन पहले भी हुई थी खून-खराबे की बड़ी वारदात

-राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण टीवी
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) छात्र संघ चुनावों का माहौल शुरू होते ही हिंसा की आग में सुलगने लगा है। अशोक विहार स्थित सत्यवती कॉलेज एक बार फिर चुनावी हिंसा और खूनी झड़प के चलते केंद्र में आ गया है। चुनाव में अभी दो दिन का समय शेष है, लेकिन उससे पहले ही भारत नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत वजीरपुर गांव के पास खूनी संघर्ष की सनसनीखेज घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
वजीरपुर गांव के पास दो गुटों में खूनी झड़प : बीती रात (15 सितंबर 2026) चुनाव प्रचार के दौरान सत्यवती कॉलेज के दो छात्र गुट आमने-सामने आ गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉलेज के छात्र विभिन्न पदों के प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने वजीरपुर गांव आए हुए थे। उन्होंने अपनी गाड़ियां वजीरपुर गांव के पास स्थित बाबा खेममन सिंह पार्क के बाहर खड़ी की थीं।
देखते ही देखते प्रचार कर रहे दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि वहां ताबड़तोड़ मारपीट और कथित तौर पर गोलीबारी (फायरिंग) व पथराव की सूचना मिली। इस हिंसक झड़प में सत्यवती कॉलेज के दो छात्र—अंश और भविष्य चौधरी (दोनों की उम्र 19 वर्ष, निवासी जगतपुर गांव)—गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत दीप चंद बंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस दौरान उपद्रवियों ने मौके पर खड़ी दो गाड़ियों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
कुछ दिन पहले भी हुई थी खून-खराबे की बड़ी वारदात : स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। इससे कुछ दिन पहले भी चुनाव को लेकर इसी वजीरपुर गांव के पास एक और खूनी झड़प हुई थी, जिसमें कॉलेज के दो पूर्व छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वजीरपुर गांव के आसपास भारी संख्या में प्राइवेट पीजी (PG) बने हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। यही वजह है कि ये इलाके चुनावी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का मुख्य केंद्र बन जाते हैं।
पुलिस की विवशता और कैंपस के भीतर के हालात : सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के सामने सबसे बड़ी विवशता यह है कि वे कॉलेज के अंदर प्रिंसिपल की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं कर सकते। इसी प्रशासनिक पेचीदगी का फायदा उठाकर कॉलेज परिसरों और बहार के इलाकों में अक्सर दबंगई और झड़पें देखने को मिलती हैं। डीयू छात्रसंघ चुनावों के इतिहास पर नजर डालें तो शायद ही कोई ऐसा चुनाव रहा हो जो बिना किसी हिंसा या विवाद के संपन्न हुआ हो।
घटना की सूचना मिलते ही भारत नगर थाना पुलिस और डीसीपी की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम और फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और क्षतिग्रस्त वाहनों का मुआयना किया।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि घायलों के मेडिको-लीगल केस (MLC) और प्रारंभिक जांच के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही, आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगालकर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
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