सामग्री पर जाएँ
ताज़ा
दिल्ली में वकीलों की हड़ताल खत्म : पुलिस अधिकारियों के तबादले के बाद बार एसोसिएशनों ने न्यायिक कार्य बहाल करने का किया ऐलानग्रेटर नोएडा में बनेगा रोबोटिक्स और एआई पार्क, यूपी कैबिनेट ने दी 69 एकड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरीनोएडा में जीएसटी की महिला अधिकारी पर 50 हजार रिश्वत मांगने का आरोप, विभाग ने नकारापानीपत के तामशाबाद टोल पर टैक्स को लेकर बवाल, मारपीट में 3 कर्मचारी घायलMCD शिक्षा समिति के बड़े फैसले: 50 हजार नए दाखिलों का लक्ष्य, स्मार्ट बोर्ड और संस्कारयुक्त शिक्षा पर जोरदिल्ली: मोहित उर्फ बाबा गैंग का वांछित आरोपी हर्ष गिरफ्तार, देसी पिस्तौल बरामद

अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए नौकरी पाना होगा मुश्किल, ट्रंप प्रशासन ने ओपीटी पर भारी शुल्क का रखा प्रस्ताव

ट्रंप सरकार ने ओपीटी के तहत काम करने वाले विदेशी छात्रों के लिए विश्वविद्यालयों पर 70 हजार डॉलर का शुल्क लगाने का प्रस्ताव पेश किया है, जिसका बड़ा असर भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
8 अक्तूबर 2026 · 11:57 pm1.1 हज़ार व्यूज़
अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए नौकरी पाना होगा मुश्किल, ट्रंप प्रशासन ने ओपीटी पर भारी शुल्क का रखा प्रस्ताव
अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए नौकरी पाना होगा मुश्किल, ट्रंप प्रशासन ने ओपीटी पर भारी शुल्क का रखा प्रस्ताव — Dainik Bhaskar

अमेरिका में उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए राह कठिन हो सकती है। ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों के लिए 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' यानी ओपीटी कार्यक्रम के तहत 70 हजार डॉलर (करीब 68 लाख रुपये) का भारी-भरकम शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि यह शुल्क सीधे तौर पर छात्रों से नहीं लिया जाएगा, बल्कि इसका भुगतान संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय को करना होगा।

इस नए प्रस्ताव के अनुसार, किसी भी विदेशी छात्र के पहली बार ओपीटी आवेदन करने पर शिक्षण संस्थान को लगभग 68 लाख रुपये देने होंगे। इसके अलावा, यदि छात्र अपने प्रशिक्षण या काम की अवधि को आगे बढ़ाता है, तो नवीनीकरण के लिए भी हर बार 30 हजार डॉलर यानी करीब 29 लाख रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। भारी वित्तीय बोझ के चलते अमेरिकी विश्वविद्यालयों के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ओपीटी की सुविधा मुहैया कराना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इस नीति का सबसे गहरा प्रभाव भारत और चीन से आने वाले विद्यार्थियों पर पड़ने की संभावना है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में करीब 3.63 लाख भारतीय और 2.66 लाख चीनी छात्र अध्ययनरत हैं। भारतीय छात्र विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में उच्च शिक्षा लेते हैं, जहां सामान्य एक वर्ष के अतिरिक्त दो और वर्षों तक कार्य अनुभव प्राप्त करने की अनुमति मिलती है।

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) ने इस प्रस्ताव के पीछे ओपीटी कार्यक्रम में कथित धोखाधड़ी और इसके दुरुपयोग को रोकने का तर्क दिया है। विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल अक्सर कंपनियों द्वारा सस्ते विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए किया जा रहा है। सरकार ने इस नीति को अंतिम रूप देने से पहले जनता और शिक्षण संस्थानों से सुझाव व आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 60 दिनों का समय दिया है।

दूसरी ओर, अमेरिकी उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े संगठन एनएएफएसए ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। संगठन का कहना है कि विदेशी प्रतिभाओं को हतोत्साहित करने से देश के नवाचार और आर्थिक विकास को गंभीर क्षति पहुंचेगी। तकनीकी कंपनियों को भी इस नियम से कुशल कर्मियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जो अक्सर इन छात्रों को रोजगार देती हैं।

कड़े वीजा नियमों और अनिश्चित नीतियों के चलते पहले ही अमेरिका जाने वाले भारतीय आवेदकों की संख्या में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि रहने की तय समयसीमा और भारी वित्तीय लागत से जुड़े नए प्रस्तावों से छात्रों में भविष्य को लेकर चिंताएं और बढ़ सकती हैं।

इनसे संबंधितUS ImmigrationOPT VisaIndian StudentsDonald TrumpHigher Education
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

फ्रांस में शिक्षा प्रस्ताव खारिज, छात्र आंदोलन जारी रखने पर अड़े; देशभर में बढ़े तनाव के बीच सैकड़ों गिरफ्तार186

फ्रांस में शिक्षा प्रस्ताव खारिज, छात्र आंदोलन जारी रखने पर अड़े; देशभर में बढ़े तनाव के बीच सैकड़ों गिरफ्तार

फ्रांस सरकार द्वारा पेश किए गए शिक्षा सुधार पैकेज को छात्रों ने नाकाफी बताते हुए खारिज कर दिया है और प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है।

अमेरिका: मिशिगन सीनेट चुनाव में ट्रंप ने अब्दुल अल-सईद पर साधा निशाना, 9/11 का जिक्र कर लगाए गंभीर आरोप2.7 हज़ार

अमेरिका: मिशिगन सीनेट चुनाव में ट्रंप ने अब्दुल अल-सईद पर साधा निशाना, 9/11 का जिक्र कर लगाए गंभीर आरोप

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन से डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद पर तीखे हमले करते हुए उन्हें सीनेट में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच से गुजारने की मांग की है।

अमेरिका: ट्रंप और ओबामा के बीच तीखी जुबानी जंग, नीतियों और व्यक्तिगत फैसलों पर एक-दूसरे पर साधा निशाना1.1 हज़ार

अमेरिका: ट्रंप और ओबामा के बीच तीखी जुबानी जंग, नीतियों और व्यक्तिगत फैसलों पर एक-दूसरे पर साधा निशाना

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्रंप पर महंगाई और अव्यवस्था का आरोप लगाया, तो जवाब में ट्रंप ने उन्हें एक 'खराब राष्ट्रपति' करार दिया।