स्वदेशी ​दिवाली का संकल्प

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संवाददाता

राजेश गुप्ता, आप विधायक-न केवला दुकानदार, बल्कि लोगों ने भी स्वदेशी दिवाली मनाने का मूड बना लिया है। वे स्वदेशी दिवाली मनानाचाहते हैं। स्वदेशी चीजों का इस्तेमाल करना चाहते हैं। ऐसी किसी वस्तु का इस्तेमाल नहीं करने का लोगसंकल्प ले रहे हैं जो विदेश से आयात किया गया हो। अच्छी बात यह है कि लोग स्वयं संकल्प लेने के साथ साथ दूसरों से भी स्वदेशी दिवाली मनाने का आग्रह कर रहे हैं।


योगेश वर्मा, नेता पक्ष, भाजपा-उत्तरी दिल्ली में रहने वाले अधिकतर लोगों का कहना है कि रोशनी बिखेरने वाली लड़ियां हों या सजावटी सामान, इस बार सभी स्वदेशी उत्पाद का ही इस्तेमाल होगा। मिठाइयों की बात करें तो पिछले कई वर्षों से मिठाइयों की जगह चॉकलेट देने का प्रचलन बढ़ा था। लोग विदेशी ब्रांड के चॉकलेट लोग को बतौर उपहार देते थे। लेकिन इस बार हमारा जोर मिठाइयों पर है

अशोक विहार निवासी बताते हैं कि मिट्टी के दीये का इस्तेमाल धीरे धीरे कम हो रहा है। लेकिन इस बार हमलोग रोशनी के लिए मिट्टी के दीये का ही इस्तेमाल करेंगे। ऐसा करने का उद्देश्य न सिर्फ स्वदेशी को बढ़ावा देना है बल्कि दिवाली की खुशियों को भी कुंभकार भाईयों से साझा भी करना है। बिजली की लड़ियों के बढ़ रहे इस्तेमाल ने दीये के इस्तेमाल को धीरे धीरे कम कर दिया था। लेकिन यदि हम दीये के इस्तेमाल पर थोड़ा ध्यान दें तो कुंभकारी व्यवस्था में काफी जान आ सकती है।

प्रमोद कोहली, RWA – धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं भी इस बार पूरी तरह से स्वदेशी दिवाली मनाने के रंग में रंगी हुई है। अशोक विहार मे आरडब्लूए के लोग ने बताया कि पिछले करीब एक दशक से दिवाली पर विदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल का चलन बढ़ा है। जाहिर सी बात है कि हमने देशी वस्तुओं का इस्तेमाल रोककर ही विदेशी वस्तुओं के चलनको बढ़ावा दिया है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हम इस बार स्वदेशी दिवाली अपनाने के लिए लोग से आग्रह कर रहे हैं।

विकास गोयल, आप नेता विपक्ष- पर्व त्योहार ही नहीं दैनिक जीवन में भी लोग को स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल पर जोर देना चाहिए। इस बार की दिवाली पूर्ण रूप में स्वदेशी दिवाली के रूप में मनाने का मैंने संकल्प लिया है। अच्छी बात यह है कि इस तरह के संकल्प और भी लोग ले रहे हैं।

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