अशोक विहार फेज-2: 30 साल पुराना नाला तोड़ा, न निकासी का प्रबंध न सीवर का समाधान; तबाही के कगार पर LSC-2 मार्केट और A-ब्लॉक
- प्रशासनिक तालमेल की कमी और कागजी दौरों का सच - व्यापार चौपट, महामारी का खतरा: बेबस नजर आए स्थानीय निवासी और व्यापारी

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो नई दिल्ली (दिल्ली दर्पण टीवी): राजधानी दिल्ली के अशोक विहार फेज-2 स्थित A-ब्लॉक (विशेषकर A-1 से A-71) और लोकल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स-2 (LSC-2) के निवासी और व्यापारी इन दिनों भारी प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। क्षेत्र में PWD और MCD के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नाले को बिना किसी ठोस वैकल्पिक जल निकासी (Drainage Plan) के तोड़ दिया गया है। अब दिक्कत यह है कि नाला तोड़ तो दिया लेकिन अब समझ नहीं आ रहा है कि इसका क्या समाधान किया जाये। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला तय प्लान और डिज़ाइन के अनुआर बनाना चाहिए। लेकिन PWD इस नाले की निकासी कहाँ और कैसे करें यह उसे समझ नहीं आ रहा है।
स्थानीय निवासी कविता राजपूत का कहना है की यह नाला करीब 30 से 40 साल पुराना है। इस नाले में बरसाती पानी जाता है और इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है की पानी साथ लगते पार्क और जमीन में चला जाता है। लेकिन अब इस नाले को तोड़े जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। बारिश के पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं बचा है और ऊपर से सीवर का दूषित पानी भी इसी तोड़े गए नाले में छोड़ा जा रहा है। इसके चलते पूरी सड़क और मार्केट परिसर गंदे पानी और गाद से भर गए हैं। फेज -2 A ब्लॉक ने निवासी और मशहूर डेंटिस्ट मनु मोदी ने कहा कि समस्या को लेकर जिला मजिस्ट्रेट (DM), PWD और MCD के आला अधिकारियों सहित क्षेत्रीय विधायक पूनम शर्मा भारद्वाज और स्थानीय निगम पार्षद वीणा असीजा कई बार मौके का मुआयना कर चुकी हैं। इसके बावजूद धरातल पर समस्या का कोई पक्का समाधान नहीं निकाला गया है। RWA द्वारा PWD नाले को मुख्य Drainage Network से जोड़ने और सही ढलान (Slope) के साथ Re-design करने के लिए कई बार लिखित पत्र भी सौंपे जा चुके हैं। वीना असीजा ने सभी विभाग विभाग के अधिकारियों को सख्त लहज़े में चेतावनी दे चुकी है।

इस समस्या से स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, LSC-2 मार्केट के सामने सालभर जलभराव और तीव्र दुर्गंध रहने के कारण ग्राहकों का आना लगभग बंद हो गया है, जिससे उनका कारोबार ठप पड़ चुका है। वहीं, रुके हुए दूषित पानी में पनप रहे मच्छरों की वजह से क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। चंदू लाला मार्किट एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप वर्मा और मार्किट के प्रमुख दुकानदारों का कहना है की नाला की निकासी सही होनी चाहिए।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दौरों के बाद भी नतीजा 'शून्य'

प्रशासन की नियत और काबिलियत पर उठे गंभीर सवाल दिल्ली दर्पण टीवी की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान स्थानीय लोगों का आक्रोश साफ देखने को मिला। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब कागजों पर टेंडर और वर्क ऑर्डर पास हो चुके हैं, तो जमीनी स्तर पर काम रुका क्यों है? यह स्थिति दिल्ली सरकार (PWD) और दिल्ली नगर निगम (MCD) के बीच तालमेल की घोर कमी, प्रशासनिक लाचारी या फिर किसी बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि जब तक नाले के पुनर्निर्माण का काम पूरा नहीं होता, तब तक पंप लगाकर गंदे पानी की निकासी और गाद की नियमित सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत कराई जाए।
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