दिल्ली वोटर लिस्ट संशोधन अभियान में तेजी, 30 लाख से अधिक फॉर्म हुए डिजिटाइज
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 30 लाख से अधिक मतदाता गणना फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। घर-घर फॉर्म वितरण का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब चुनाव अधिकारी फॉर्मों की प्रोसेसिंग व डिजिटल अपलोड पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत गणना फॉर्मों के डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 30,49,330 एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटल रूप से अपलोड किए जा चुके हैं, जो राजधानी के कुल 1.45 करोड़ से अधिक मतदाताओं का लगभग 21.01 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक ही दिन में 4.46 लाख से अधिक फॉर्म डिजिटाइज किए गए। इससे पहले यह संख्या 26 लाख के आसपास थी। अधिकारियों का कहना है कि घर-घर फॉर्म वितरित करने का काम लगभग पूरा होने के बाद अब पूरा जोर फॉर्मों की जांच, डेटा एंट्री और डिजिटल प्रोसेसिंग पर दिया जा रहा है।
अभियान के तहत अब तक 1,44,60,313 फॉर्म मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं, जिससे करीब 99.66 प्रतिशत मतदाता कवर हो चुके हैं। पुरानी दिल्ली, नई दिल्ली, उत्तर-पूर्व और दक्षिण जिलों में शत-प्रतिशत फॉर्म वितरण पूरा हो गया है, जबकि मध्य, दक्षिण-पूर्व और पश्चिम जिलों में भी 99.5 प्रतिशत से अधिक कवरेज दर्ज की गई है।
बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के अनुसार, फॉर्मों का डिजिटाइजेशन केवल वितरण की तुलना में अधिक समय लेने वाला कार्य है, क्योंकि इसमें दस्तावेजों की स्कैनिंग, ऑनलाइन अपलोड और मतदाता विवरण का सत्यापन शामिल होता है।
इसी बीच, कुछ क्षेत्रों में पुनर्वास या स्थानांतरण के कारण पुराने पते पर दर्ज मतदाताओं के नाम अब भी सूची में बने हुए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को फॉर्म-8 भरकर अपना पता अपडेट कराने की सलाह दी जा रही है।
निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए दिल्ली में SIR अभियान की समयसीमा 29 जुलाई से बढ़ाकर 8 अगस्त कर दी है। इससे बूथ लेवल अधिकारियों को घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र करने, उनका सत्यापन करने और डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
आंकड़ों के अनुसार, आउटर नॉर्थ जिला लगभग 36.88 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ सबसे आगे है। इसके बाद साउथ वेस्ट (30.26 प्रतिशत), सेंट्रल नॉर्थ (25.27 प्रतिशत) और वेस्ट (25.26 प्रतिशत) का स्थान है। वहीं, साउथ ईस्ट, पुरानी दिल्ली और ईस्ट जिलों में डिजिटाइजेशन की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है।
लेखक


टिप्पणियाँ
3आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।
आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।
क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।