अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी चुनाव : "5 साल से एक ही व्यक्ति का कब्ज़ा क्यों ?" – दिग्गज नंद किशोर अग्रवाल का अनिल गुप्ता पर बड़ा हमला, बदलाव की मांग तेज
अशोक विहार अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के 2 अगस्त को होने वाले चुनाव से पहले माहौल गर्मा गया है। पवन अग्रवाल के नेतृत्व वाली 'सद्भावना टीम' ने मौजूदा प्रबंधन पर कई आरोप लगाते हुए बदलाव और पारदर्शी व्यवस्था का वादा किया है।

नई दिल्ली, अशोक विहार: | दिल्ली की सबसे प्रतिष्ठित और अग्रवाल समाज की सबसे पुरानी संस्था 'अशोक विहार अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी' के आगामी 2 अगस्त को होने वाले चुनाव से पहले सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। सोसाइटी के चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। पवन अग्रवाल की अगुवाई में मैदान में उतरी 'सद्भावना टीम' ने वर्तमान प्रबंधन और मौजूदा प्रधान अनिल गुप्ता (घी वाले) के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।
हाल ही में सद्भावना टीम के चुनाव कार्यालय के भव्य उद्घाटन के दौरान समाज के कई बड़े दिग्गजों और ट्रस्टियों ने हुंकार भरी। इस मौके पर समाज की जानी-मानी शख्सियत नंद किशोर अग्रवाल ने वर्तमान प्रबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "सोसाइटी को किसी एक व्यक्ति की मर्जी से नहीं चलाया जा सकता। 5 साल से एक ही व्यक्ति सोसाइटी को चला रहा है और अब संविधान में संशोधन कर फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी की जा रही है। संस्था को सेवा का माध्यम होना चाहिए, न कि स्वार्थ और सत्ता का साधन।"
महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल की बदहाली पर उठाए सवाल चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान पहुंचे समाज के गणमान्य लोगों ने संस्था द्वारा संचालित 'महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल' की खस्ता हालत पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया। समाज के नेताओं ने सवाल उठाया कि दिल्ली की सबसे पुरानी संस्था का यह प्रतिष्ठित अस्पताल पिछले कई वर्षों से खुद 'बीमार' क्यों है? अनिल गुप्ता पिछले 15 से 20 सालों से लगातार चुनाव लड़ रहे हैं और 5 सालों से फुल पावर के साथ प्रधान पद पर काबिज हैं, इसके बावजूद अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार क्यों नहीं हुआ ?

संविधान में बदलाव और 'कैपिंग' हटाने का गंभीर आरोप विपक्ष और सद्भावना टीम का नेतृत्व कर रहे नेताओं का आरोप है कि अनिल गुप्ता ने अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान पहले 2 साल के कार्यकाल को बढ़ाकर 3 साल किया। इसके बाद, दो बार से अधिक प्रधान बनने पर लगी कानूनी रोक यानी 'कैपिंग' को भी संविधान में संशोधन करके हटा दिया गया। समाज के दिग्गजों का आरोप है कि ये तमाम हथकंडे सिर्फ और सिर्फ सोसाइटी पर हमेशा के लिए कब्जा जमाए रखने की मंशा से अपनाए जा रहे हैं, जिसे समाज के जागरूक ट्रस्टी अब बर्दाश्त नहीं करेंगे।
"अबकी बार पवन सरकार" के नारे से गूंजा चुनावी दफ्तर इस बार समाज को नया जीवन देने और बदलाव के संकल्प के साथ ऊर्जावान और अनुभवी लोगों की एक मजबूत टीम तैयार की गई है। इस टीम के मुख्य कर्णधारों में बृजमोहन गर्ग, अरुण बंसल , सुरेंद्र पाल गुप्ता, आईडी गर्ग, अर्जुन दास सिंघल, शिव चरण बंसल, जय भगवान बंसल और शंकर लाल सिंघल जैसे समाज के बड़े नाम शामिल हैं। इन सभी दिग्गजों ने एक सुर में "अबकी बार पवन सरकार" का नारा बुलंद किया। इस मौके पर प्रधान प्रत्याशी पवन अग्रवाल ने कहा की यह पैनल समाज के प्रमुख और सम्मनित टृष्टियों ने बनाया है। लिहाज़ा प्रधान में नहीं बल्कि आप सब होंगे और हम सब मिलकर इस सोसाइटी के तीनों विंग के विकास को गति देंगे। हॉस्पिटल को शानदार बनाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता में होगा।
सद्भावना टीम के प्रमुख चेहरे मैदान में: सद्भावना टीम ने समाज के सामने विकास का नया एजेंडा रखते हुए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है:
प्रधान पद: पवन अग्रवाल
महामंत्री पद: राजेंद्र गर्ग
कोषाध्यक्ष पद: सुशील सिंघल
वरिष्ठ उपप्रधान: सत्यनारायण केजरीवाल
उपप्रधान (स्कूल): बिमल प्रकाश अग्रवाल
उपप्रधान (हॉस्पिटल): राजेंद्र गुप्ता
उपप्रधान (भवन): नवल किशोर गोयल
सह-कोषाध्यक्ष: संजीव नरेश गर्ग
मंत्री: विपुल गोविल
सद्भावना टीम के प्रत्याशियों ने समाज का आभार जताते हुए वादा किया कि यदि उन्हें मौका मिलता है, तो वे सोसाइटी में तानाशाही को खत्म कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास का एक नया सवेरा लेकर आएंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि 2 अगस्त को होने वाले इस महा-मुकाबले में अशोक विहार के ट्रस्टी बदलाव के पक्ष में वोट करते हैं या पुरानी सत्ता पर ही भरोसा जताते हैं।
लेखक


टिप्पणियाँ
4संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।
इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।
आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।