सोनीपत में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, कुमारी सैलजा ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
कथित वोट चोरी और एसआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोनीपत में गांधी चौक से आंबेडकर पार्क तक निकाला पैदल मार्च।
सोनीपत में कथित वोट चोरी, चुनावी सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग और एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इस विरोध मार्च का नेतृत्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता शहर के गांधी चौक पर एकत्र हुए और वहां से बैनर-तख्तियां लेकर पैदल मार्च करते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क पहुंचे। रास्ते भर संविधान और मताधिकार की रक्षा से जुड़े नारे लगाए गए। आंबेडकर चौक पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के चित्र पर जूते मारकर अपना रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी भी चर्चा का विषय रही।
सभा को संबोधित करते हुए कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के आचरण के कारण संस्था पर आम जनता का विश्वास कम हुआ है। उन्होंने कहा कि आयोग की जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की है, लेकिन एकतरफा फैसलों ने उसकी साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य चुनाव आयुक्तों की राय सुने बिना एकतरफा निर्णय लिए।
कुमारी सैलजा ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी। पार्टी के भीतर गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि मतभेद हर संगठन में होते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा जैसी साझी लड़ाई में सभी एकजुट हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने हरियाणा की मंडियों में किसानों की समस्याओं और खाद की किल्लत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मंडियों में धान और बाजरा लेकर पहुंच रहे किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है और पोर्टल व्यवस्था से लोग परेशान हैं। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग के प्रतिकूल हैं और इनसे केवल बड़े औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंच रहा है।
शहरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमल दिवान ने कार्यक्रम में कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसकी रक्षा करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने 'वोट बचाओ-देश बचाओ' को एक जनआंदोलन बताते हुए कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संसद तक आवाज उठाती रहेगी। इस प्रदर्शन में ग्रामीण जिला अध्यक्ष संजीव दहिया, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक सहित महिला कांग्रेस और सेवादल के कई पदाधिकारी शामिल हुए।
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