सामग्री पर जाएँ
ताज़ा खबर
चक्रवात तेज़ होने से ओडिशा तट पर रेड अलर्टदिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह पकड़ा, 2,300 लोगों से ₹41 करोड़ की ठगीकैबिनेट ने गुजरात में ₹76,000 करोड़ की चिप फैब को मंज़ूरी दीसेना के लिए राशन आपूर्ति प्रणाली मजबूत करने को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सैन्य अधिकारियों के साथ की बैठकभारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली कूच: 21 जुलाई को किसान घाट पर महापंचायतनोएडा और गाजियाबाद में उमस बनी बिजली कटौती का कारण, कई इलाकों में घंटों छाया रहा अंधेराIPS अनुराग कुमार बने दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, सतीश गोलचा की जगह संभालेंगे कमानअग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी चुनाव : "5 साल से एक ही व्यक्ति का कब्ज़ा क्यों ?" – दिग्गज नंद किशोर अग्रवाल का अनिल गुप्ता पर बड़ा हमला, बदलाव की मांग तेजपानीपत के नौल्था में मिट्टी के ओवरब्रिज का विरोध तेज, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

DU का 'Science of Happiness' कोर्स बना छात्रों की पहली पसंद, 2,000 से ज्यादा ने कराया नामांकन

दिल्ली यूनिवर्सिटी का 'साइंस ऑफ हैप्पीनेस' कोर्स छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पिछले दो वर्षों में 2,000 से अधिक छात्रों ने इसमें दाखिला लिया है। यह कोर्स मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और जीवन में संतुलन बनाए रखने की व्यावहारिक सीख देता है।

Arjun Mehta
Arjun Mehtaबाज़ार संवाददाता
शेयर
20 जुलाई 2026 · 9:59 am50 व्यूज़
DU का 'Science of Happiness' कोर्स बना छात्रों की पहली पसंद, 2,000 से ज्यादा ने कराया नामांकन
DU का 'Science of Happiness' कोर्स बना छात्रों की पहली पसंद, 2,000 से ज्यादा ने कराया नामांकन

नई दिल्ली: पढ़ाई, करियर और प्रतिस्पर्धा के बढ़ते दबाव के बीच छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने शुरू किया गया 'साइंस ऑफ हैप्पीनेस' कोर्स लगातार लोकप्रिय हो रहा है। पिछले दो वर्षों में इस कोर्स में 2,000 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकन करा चुके हैं, जो युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।

यह कोर्स दिल्ली यूनिवर्सिटी के वैल्यू एडेड कोर्स (VAC) के अंतर्गत 'हैप्पीनेस पोडियम' पहल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को तनाव से निपटने, सकारात्मक सोच विकसित करने और जीवन में संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाना भी है।

कोर्स की रूपरेखा 'खुशी के पांच प्रमुख स्तंभों' पर आधारित है। इनमें सकारात्मक सोच विकसित करना, अपनी क्षमताओं को पहचानना, परिवार और समाज के साथ मजबूत संबंध बनाना, जीवन का उद्देश्य तय करना तथा छोटी-बड़ी उपलब्धियों का आनंद लेकर आत्मविश्वास बढ़ाना शामिल है।

इस पहल को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दिल्ली यूनिवर्सिटी के पांच प्रमुख महिला कॉलेजों—लेडी श्री राम (LSR) कॉलेज, गार्गी कॉलेज, इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज, मिरांडा हाउस और दौलत राम कॉलेज—में शुरू किया गया है। इन संस्थानों की छात्राओं ने इस कोर्स में विशेष रुचि दिखाई है।

इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक रटने वाली पढ़ाई की बजाय माइंडफुलनेस, मेडिटेशन, समूह गतिविधियों और खुली चर्चा के माध्यम से छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत, आत्मविश्वासी और खुशहाल जीवन जीने की कला सिखाई जाती है। विश्वविद्यालय का मानना है कि ऐसी पहलें छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

शेयर

लेखक

Arjun Mehta
Arjun Mehtaबाज़ार संवाददाता

दलाल स्ट्रीट, रुपया और उन्हें चलाने वालों पर नज़र।

और इनसे Arjun Mehta

टिप्पणियाँ

2

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

सेना के लिए राशन आपूर्ति प्रणाली मजबूत करने को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सैन्य अधिकारियों के साथ की बैठक50

सेना के लिए राशन आपूर्ति प्रणाली मजबूत करने को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सैन्य अधिकारियों के साथ की बैठक

बैठक में सेना के लिए जैविक राशन की चरणबद्ध शुरुआत और 'भारत ब्रांड' के उत्पादों के विस्तार पर चर्चा की गई।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली कूच: 21 जुलाई को किसान घाट पर महापंचायत50

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली कूच: 21 जुलाई को किसान घाट पर महापंचायत

प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले दिल्ली के किसान घाट पर जुटेंगे देश भर के किसान संगठन।

नोएडा और गाजियाबाद में उमस बनी बिजली कटौती का कारण, कई इलाकों में घंटों छाया रहा अंधेरा50

नोएडा और गाजियाबाद में उमस बनी बिजली कटौती का कारण, कई इलाकों में घंटों छाया रहा अंधेरा

तापमान में गिरावट के बावजूद नोएडा और गाजियाबाद में अत्यधिक उमस और बारिश के कारण बिजली के उपकरण खराब हो रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं।