ग्रेटर नोएडा: इलजिन इलेक्ट्रॉनिक्स की इमारत में मिला ढांचागत दोष, PWD ने परिसर को घोषित किया असुरक्षित
ग्रेटर नोएडा के उद्योग विहार स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री में हुए अग्निकांड के बाद पीडब्ल्यूडी की जांच में गंभीर इंजीनियरिंग खामियां सामने आई हैं।

ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित उद्योग विहार-2 में इलेक्ट्रॉनिक्स चिप बनाने वाली इलजिन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी की इमारत की जांच में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने गंभीर ढांचागत दोष पाया है। विभाग ने इस परिसर को असुरक्षित घोषित करते हुए जांच पूरी होने तक इमारत को बंद रखने की सिफारिश की है। गौरतलब है कि मंगलवार तड़के इस दो मंजिला इमारत में आग बुझाने के बाद कूलिंग ऑपरेशन के दौरान पहली मंजिल की दीवार और लोहे का बीम गिर गया था, जिसकी चपेट में आकर दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई थी।
पीडब्ल्यूडी की टीम ने बुधवार सुबह घटनास्थल और इमारत के ढांचे का निरीक्षण किया। विभाग की अधिशासी अभियंता कंचन सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में इमारत की संरचना में पूरी तरह से इंजीनियरिंग संबंधी खामी पाई गई है। पिलर सहित इमारत के हिस्से का इस तरह ढहना यह दर्शाता है कि इसके निर्माण में गंभीर समस्या है।
अधिशासी अभियंता के अनुसार, किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच किसी मान्यता प्राप्त संस्थान की प्रयोगशाला में कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दीवार गिर जाने के कारण अब बारिश के दौरान इमारत में किसी अन्य दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है। वहीं, कंपनी प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने यह इमारत किसी अन्य व्यक्ति से खरीदी थी और वे इसके निर्माण में शामिल नहीं थे।
इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले दमकलकर्मियों की पहचान 32 वर्षीय रोहित यादव और 48 वर्षीय तीरथ पाल सिंह के रूप में हुई है। दुर्घटना में घायल हुए तीन अन्य कर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अधिकारियों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। मंगलवार सुबह लगभग 3 बजे लगी आग पर दमकल की गाड़ियों ने करीब दो घंटे में काबू पा लिया था, जिसके बाद सुबह 5 बजे के करीब यह हादसा हुआ।
गौतमबुद्ध नगर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि शुरुआती स्तर पर आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट होने की आशंका है, हालांकि विस्तृत जांच की जा रही है। वहीं सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले में अभी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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