Delhi-पहलवान सागर हत्या मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी सभी चश्मदीद गवाहों को सुरक्षा,

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो 
दिल्ली -पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड में आरोपी सुशील कुमार पर जाँच में सहयोग न करने की खबर तो पहले ही आ रही थी लेकिन अब ये जानकारी भी सामने आ रही है की आरोपी सुशील की तरफ से अब गवाहों को तोड़ने या प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पहलवान सुशील खुद को बचाने के लिये कहीं चश्मदीदों पर दबाव न बनाये, इसलिये दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में एक बड़ा निर्णय दिया है। सागर हत्याकांड में सभी चश्मदीद गवाहों को कोर्ट ने “विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम 2018” के तहत सुरक्षा देने के आदेश दिए है। 

चश्मदीद अमित कुमार


देश के उभरते युवा पहलवान सागर धनखड़ हत्या मामले में आरोपी सुशील पहलवालन पुलिस की 10 दिन की न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में चश्मदीद अमित ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपनी जान का ख़तरा बताया है अमित की इस याचिका पर हाईकोर्ट ने विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम 2018 लगाने के आदेश दिये हैं।इस आदेश के बाद अब  दिल्ली पुलिस को एक हफ्ते के भीतर अब सभी गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। 

चश्मदीद अमित कुमार


दिल्ली हाई कोर्ट में चश्मदीद अमित कुमार की तरफ से याचिका लगाने वाले अधिवक्ता अजय कुमार पिपानिया ने बताया कि ‘विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम’ 2018 से लागू है और इसके तहत तमाम प्रावधान है जिसमें एक गवाह को सुरक्षा देने के निर्देश हैं। पहलवान सागर हत्याकांड और उसमे ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार की कथित संलिप्तता से यह मामला बहुचर्चित हो गया है। चूंकि आरोपी धन और बल दोनों से काफी सक्षम है और समाज में उसका दबदबा रहा है, ऐसे में वह खुद को बचाने के लिये गवाहों को तोड़ने का प्रयास कर सकता है। बताया गया है कि चश्मदीद अमित कुमार पर कई तरह से दबाव बनाने की शुरुआत भी हो गई थी और उस पर अपने बयान बदलने के लिये कई फ़ोन कॉल्स भी आये हैं। घटना वाले दिन अमित की भी बेरहमी से पिटाई की गयी थी। 

अमित ने अपनी याचिका में सुशील  पहलवान की ऊँची पहुंच ,पैसा और उसके गैंगस्टरों से रिश्ते होने का हवाला देते हुए कहा ही की वह बहुत डरा हुआ है।उसे लगातार धमकी भरे फ़ोन आ रहे है। ऐसी पहुंच वाले जाँच प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकतें है और गवाहों को तोड़ सकते है।खबर है कि आरोपी सुशील की तरफ से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है लेकिन समय रहते विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम लागू हो जाने से पूरे मामले में संलिप्त आरोपियों के लिये ये पैंतरा भी मुश्किल ही काम आएगा। 
कानूनी हलकों और जानकारों में इस बात की खूब चर्चा है कि सागर हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी सुशील को बचाने की कवायद जोरों पर चल रही है। गवाही बदलने या गवाह के मुकरने से मामला कमजोर पड़ सकता है , लिहाजा ऐसे समय में दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश सागर धनखड़ को इन्साफ दिलाने में जरूर सहायक होगा। 

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