दिल्ली में पहली बारिश ने खोला दावों का पोल: वज़ीरपुर में घुटनों तक जलभराव, अब बारिश के पानी के साथ बस्तियों में निकल रहे अजगर और सांप!
-चंदा देकर सीवर सफाई, सो रहा प्रशासन! Wazirpur में घुटनों तक पानी - दिल्ली में पहली बारिश में खुला दावों का पोल! Wazirpur में सड़कें बनीं नाला

नई दिल्ली (दिल्ली दर्पण टीवी)। राजधानी दिल्ली में मानसून की पहली ही बारिश ने नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के बुनियादी दावों की पूरी तरह हवा निकाल दी है। दिल्ली में भले ही सत्ता बदल गई हो, लेकिन ज़मीनी हालात में रत्ती भर सुधार नहीं आया है। इसका एक खतरनाक रूप वज़ीरपुर स्थित 'दिल्ली दर्पण टीवी' कार्यालय के ठीक सामने देखने को मिला, जहाँ निमारी कॉलोनी के मुख्य गेट से लेकर पूरी मुख्य सड़क पानी में लबालब डूब चुकी है।
5-6 सालों से जलभराव का दंश, गाड़ियाँ खराब होने का डर संवाददाता ने जब पानी में खड़े होकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की, तो प्रशासनिक बेपरवाही का भयावह सच सामने आया। सड़कों पर जमा घुटनों तक पानी न केवल ट्रैफिक की रफ्तार रोक रहा है, बल्कि आसपास के घरों और दुकानों में तेजी से घुस रहा है। जलभराव के कारण कई गाड़ियाँ पानी में बंद होकर खराब हो चुकी हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग बारिश शुरू होते ही अपने वाहनों को दूर सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करने को मजबूर हो जाते हैं।

निर्माणाधीन नाला बना जी का जंजाल, कागज़ों में सिमटी सफाई यह जलभराव कोई आज की समस्या नहीं है; स्थानीय निवासी पिछले 5-6 वर्षों से इस नारकीय स्थिति को झेल रहे हैं। निवासियों का कहना है कि वे क्षेत्रीय विधायक से लेकर दिल्ली जल बोर्ड तक पिछले डेढ़-दो सालों से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर पिछले साल लोगों ने अपनी जेब से चंदा इकट्ठा करके सीवर की सफाई कराई थी।
इस साल प्रशासन का दावा था कि मुख्य मार्ग पर नाला बन चुका है, जबकि हकीकत यह है कि यह कथित नाला पिछले 2 सालों से निर्माणाधीन ही है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि सीवर और नालों की सफाई केवल कागज़ों में हो रही है या फिर अधिकारी सरासर लापरवाही बरत रहे हैं।
जलभराव के साथ बढ़ा बड़ा ख़तरा: बस्तियों में आ रहे सांप और अजगर इस बार जलभराव के साथ-साथ इलाके में एक और जानलेवा ख़तरा मंडरा रहा है। बारिश के पानी के कारण ज़मीन के अंदर छुपे विषैले जीव-जंतु बाहर सड़कों और रिहायशी इलाकों में आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही इलाके में एक विशालकाय अजगर देखा गया था, जिसने लोगों में दहशत फैला दी थी।
आज बारिश के बीच एक बार फिर सड़क पर सांप का बच्चा निकलता देखा गया। इलाके में सांप निकलने की लगातार कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय सोशल वर्कर प्रदीप कोली ने आज फिर सांप का रेस्क्यू किया और उसे प्लास्टिक के जार में सुरक्षित रखकर वन विभाग को सौंपने की तैयारी की।
घुटनों तक भरे पानी के बीच इन विषैले सांपों के तैरने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन और स्थानीय विधायक किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही नींद से जागेंगे?
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